Highlights:
- कफ शरीर को ऐसे पहचानें
- शरीर में असंतुलित कफ दोष के लक्षण
- बढ़े हुए कफ दोष को ऐसे संतुलित करें
- बढ़े हुए कफ दोष को कम करने की डाइट
- बढ़े हुए कफ दोष में इनसे बचें
पंचतत्व मिल कर हमारे शरीर में 3 दोष बनाते हैं।
- वात
- पित्त
- कफ
जब ये तीनो दोष संतुलित रहते हैं तो इंसान स्वस्थ रहता है लेकिन जब ये तीनो दोष शरीर में असंतुलित हो जाते हैं तो बीमारियां आने लगती हैं
आयुर्वेद के अनुसार जिस इंसान के तीनो दोष संतुलित नहीं रहते हैं
वह इंसान सुख को प्राप्त नहीं कर सकता।
इस आर्टिकल में बढ़े हुए कफ दोष और उसे संतुलित करने के बारें में जानेंगे।
शारीरिक लक्षण
- वजन जल्दी से बढ़ जाता है
- अक्सर ओवरवेट होते हैं
- त्वचा चिकनी होती है
- मजबूत और घने बाल होते हैं
- भारी और अच्छी आवाज होती है
- गहरी नींद होती है
- सोते बहुत ज्यादा है
- आलसी भी होते हैं
- डाइजेशन स्लो रहता है
- प्यास कम लगती है
- इम्यूनिटी अच्छी होती है
- सर्दी और इन्फेक्शन होने के चांसेस ज्यादा रहते हैं
- ठंडी जगह पर नहीं रह पाते
- सांस से जुड़ी बीमारियां और एलर्जी होने के चांस रहते हैं
मानसिक और व्यवहारिक लक्षण:
- शांत और प्यार करने वाले होते हैं
- धैर्यवान और सपोर्ट करने वाले होते हैं
- धीरे सीखते हैं
- मेमरी अच्छी होती है
- टीम प्लेयर होते हैं
- लॉयल और टोलरेंट होते हैं
- जल्दी गुस्सा नहीं करते
- टास्क खत्म करने में स्लो रहते हैं
- नई चीज़ सीखने में समय लगता है
- चीज ऑर्गेनाइज रखते हैं
- एक जगह बैठकर कई घंटे काम कर सकते हैं
- आलसी होते हैं इसलिए डिप्रेशन होने के चांसेस रहते हैं
शरीर में बढ़े हुए कफ दोष के लिए टिप्स:
- पका हुआ और गरम खाना
- दिन में तीन मील से ज्यादा ना खाएं
- भूख से थोड़ा कमी खाएं
- घी और तेल का बहुत कम से कम इस्तेमाल करें
- खाने के बीच में स्नैक्स न खाएं
शरीर में बढ़े हुए कफ दोष के लिए डायट:
- तीखा और कड़वे टेस्ट का भोजन
- नींबू और शहद गर्म पानी के साथ
शरीर में बढ़े हुए कफ दोष में इनसे बचें:
- डेरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें
- चीनी और मीठे का सेवन न करें
- ड्राई फ्रूट और तेल वाले बीज का सेवन न करें
- तेल और घी का इस्तेमाल कम करें
- रात में ज्यादा खाना खाने से बचें
- नमक का इस्तेमाल कम करें
अस्वीकरण- हमारे पृष्ठों की सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए प्रदान की जाती है यह किसी भी तरह से विशिष्ट सलाह का विकल्प नहीं है इसलिए आपको इस जानकारी के आधार पर किसी कार्रवाई को लेने
से पहले प्रासंगिक पेशेवर या विशेषज्ञ की सलाह प्राप्त करनी होगी
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