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हार्ट अटैक आया है या कार्डियक अरेस्ट, ऐसे जानें आसानी से, हार्ट अटैक में नहीं देते सी.पी.आर. |
- हार्ट अटैक मरीज को ऐसे पहचानें
- हार्ट अटैक में नहीं देते सी.पी.आर.
- किसी को हार्ट अटैक आये तो आप करें ये काम
- कार्डियक अरेस्ट मरीज को ऐसे पहचानें
- कार्डियक अरेस्ट होने के कारण
- किसी को कार्डियक अरेस्ट आये तो आप करें ये काम
हार्ट अटैक(Heart Attack):
हार्ट अटैक को साधारण तरीके से ऐसे समझें
जब हार्ट की खुद की नसों में खून की सप्लाई किसी ब्लॉकेज की वजह से रुक जाती है तो हार्ट के उस हिस्से में ऑक्सीजन और जरूरी चीजों की सप्लाई नहीं पहुंच पाती जिससे वहां की कोशिकाएं (Cells) मरने लगती हैं जब यह सेल्स मरने लगती हैं तो उस इंसान को छाती में तेज दर्द होने लगता है
ज्यादातर हार्ट अटैक में हार्ट का केवल कुछ हिस्सा प्रभावित होता है जिससे हार्ट का बाकी हिस्सा अपना काम करता रहता है
हालाँकि हार्ट अटैक की वजह से हार्ट और शरीर की कार्य क्षमता कुछ समय के लिए बुरी तरह प्रभावित होती है
ऐसे पहचानें हार्ट अटैक:
- इंसान को छाती में तेज दर्द होने लगता है,
- सांस फूलने लगती है
- पसीना आने लगता है
- इंसान अपनी छाती पर हाथ रखकर बैठने लगता है,
- कभी-कभी छाती में उठता हुआ दर्द बाएं भुजा (Arm) में भी आता है आदि
हार्ट अटैक में नहीं देते हैं सी. पी. आर(CPR):
ध्यान रहे जब किसी को हार्ट अटैक आये तो उसे सीपीआर (CPR) नहीं देते हैं सी.पी.आर. उसे नुकसान पहुंचाएगा कब देना है सी.पी.आर नीचे पढ़ें
- उस मरीज को तुरंत ह्रदय को सुरक्षित रखने वाले पोस्चर में बैठाएं
- और एक छोटा सा अदरक का टुकड़ा चबाने के लिए दें
- जैसे ही वह अदरक चबाना शुरू करेगा वैसे ही हार्ट में नाइट्रिक ऑक्साइड बनने लगता है और हार्ट का ब्लॉकेज अचानक खत्म होने लगता है, साथ ही साथ मरीज को आराम मिलने लगता है
ह्रदय को सुरक्षित रखने वाले पोस्चर और बाकी जानकारी के लिए अगला आर्टिकल यहां से पढ़ें
कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest):
जब किसी को कार्डियक अरेस्ट आता है तो उसका हार्ट अचानक पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है और मरीज बेसुध हो के अचानक गिर पड़ता है ह्रदय गति रुकने की वजह से पल्स नहीं चल रही होती, सांस भी रुक जाती है शरीर सुन्न होने लगता है
और अगर समय पर सी.पी.आर. नहीं दिया गया तो मरीज की जान चली जाती है आसान शब्दों में इसे ही कार्डियक अरेस्ट कहते हैं
ऐसे पहचानें कार्डियक अरेस्ट:
- कार्डियक अरेस्ट आते ही मरीज अपना संतुलन खो देता है
- मरीज बेसुध हो के अचानक गिर पड़ता है
- ह्रदय गति रुक जाती है
- ह्रदय गति रुकने की वजह से पल्स भी नहीं चल रही होती
- साँस भी रुक चुकी होती है
कार्डियक अरेस्ट होने के कारण:
हार्ट के अचानक रुकने की कई वजहें हो सकती हैं जैसे-
- हार्ट का इलेक्ट्रिकल सिग्नल रुक जाना
- कोई सदमा लगना
- भयानक रूप से डर जाना आदि
किसी को कार्डियक अरेस्ट आये तो आप करें ये काम:
हार्ट अटैक में सी.पी.आर नहीं दिया जाता है जबकि कार्डियक अरेस्ट में सी.पी.आर देने से जिंदगी वापस मिल सकती है
जैसे ही आपने पहचान लिया की इस इंसान को कार्डियक अरेस्ट हुआ है तो अगर आपको सी.पी.आर देना आता है तो तुरंत उसे सी.पी.आर दें, क्योंकि अगर आप उस मरीज को अस्पताल ले जाने की सोच रहे हैं तो शायद तब तक बहुत देर हो जाएगी और मरीज ब्रेन डेड की स्थिति में पहुंच जायेगा और उसकी जिंदगी ख़त्म हो जाएगी
ऐसे दें सीपीआर